SHUCHIKA PRADHAN

रिश्तों को बनाने वाले बडे नहीं होते, निभाने वाले बडे होते हैं।

रिश्तों को बनाने वाले बडे नहीं होते, निभाने वाले बडे होते हैं।
दरारें बड़ी नहीं होती, उन्हें भरने वाले बड़े होते हैं।
जिन रिश्तों में स्वार्थ होता है उन्हें टूटने में वक्त नहीं लगता।
जो रिश्ते प्रेम और निस्वार्थ भाव की नींव पर टिके रहते हैं वे अंतिम सांस तक लाइफ मेंबर बने रहते हैं।
ऐसा ही रिश्ता है कुछ ARC मंडी के साथ 🥰🥰🥰