SHUCHIKA PRADHAN

ग्राम पंचायत तलकेहड़ में आज कृषि विज्ञान केंद्र मंडी द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता शिविर आयोजित

ग्राम पंचायत तलकेहड़ में आज कृषि विज्ञान केंद्र मंडी द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत जागरूकता शिविर आयोजित
कृषि विज्ञान केंद्र, मंडी ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत कृषि विभाग के सहयोग से चौंतड़ा विकास खंड के तलकेहड़ ग्राम पंचायत में किसान जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 300 से अधिक अनुसूचित वर्ग के किसानों एवं किसान महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में पहले कृषि विभाग से विषय वाद विशेषज्ञ (कृषि)सोनम ने खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत किसानों को जानकारी दी । कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज सूद ने किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबंधन, नियमित मिट्टी परीक्षण, फसल चक्र अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लगातार एक ही फसल उगाने और असंतुलित उर्वरक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता में गिरावट आती है, जिससे उत्पादन एवं किसानों की आय दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से अपनी भूमि का समय-समय पर मृदा परीक्षण करवाकर वैज्ञानिक सिफारिशों के अनुसार पोषक तत्वों का प्रयोग करने का आह्वान किया। उद्यान वैज्ञानिक डॉ एल के शर्मा ने जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा कृषि में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, वर्षा जल संचयन तथा कृषि में महिलाओं की भूमिका के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
शिविर के दौरान किसानों ने वैज्ञानिकों के साथ विभिन्न कृषि एवं बागवानी विषयों पर खुलकर चर्चा की और फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन, उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती, सब्जी उत्पादन तथा जल संरक्षण से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक सलाह प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने ऐसे जागरूकता शिविरों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कृषि विज्ञान केंद्र, मंडी ने किसानों को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाकर मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने का संदेश दिया।